ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और आतंकवादियों को खत्म कर जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के महत्वपूर्ण ठिकानों को नश्त नाबूत करना
भारत को कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं का समर्थन प्राप्त किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना 2000 में लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना 1985-1986 में हाफिज सईद, जफर इकबाल शहबाज, अब्दुल्ला आज़म और कई अन्य इस्लामीमुजाहिदीन द्वारा सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान ओसामा बिन लादेन से वित्त पोषण से कानपुर 16 मई 2025 नई दिल्ली: 16 मई 2025 भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज़्यादातर हिंदू पर्यटक थे। भारत ने इस हमले का जवाब देने के लिए बहुत ही सटीक और सशक्त सैन्य रणनीति अपनाई, जिसमें सीमा पार स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को लक्षित किया गया । ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद को खत्म करना और आतंकवादियों को दंडित करना था। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि ऑपरेशन के दौरान नागरिकों को नुकसान न पहुंचे। सभी कार्रवाई को ध्यानप...


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