अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने  जेएफके, एमएलके हत्याओं पर फाइलों को डीक्लासिफाई करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जेएफके, एमएलके हत्याओं पर फाइलों को डीक्लासिफाई करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए

ट्रम्प ने जेएफके और एमएलके हत्याओं की फाइलों को डीक्लासिफाई करने के आदेश
आदेश मृत्यु के 60 साल बाद
22 नवंबर 1963 को जेएफके की हत्या हुई थी
डीक्लासिफिकेशन से हत्याओं की जटिलताओं 
और 
 नई जानकारीओं का प्रकाशन



कानपुर 24 जनवरी 2025
23 जनवरी 2025 गुरुवार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति जेएफके (जॉन एफ. केनेडी) और एमएलके (मार्टिन लूथर किंग जूनियर) की हत्याओं से जुड़ी फाइलों के अवर्गीकरण (डीक्लासिफाई) के लिए आदेश पर हस्ताक्षर किए। यह आदेश मृत्यु के 60 साल बाद आया है घटना अभी भी पहेली बनी हुयी है। यह निर्णय राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण व अमेरिकी इतिहास के सबसे विवादास्पद और संवेदनशील है।
22 नवंबर 1963 को जेएफके की हत्या हुई थी, अमेरिकी राजनीति और इतिहास में काला दिन के रुप मे पहचानी जाती है। सरकारी संस्थाओं की संलिप्तता का दावा सहित हत्या को लेकर अनेक चर्चाएँ हैं। मार्टिन लूथर किंग के हत्या के मामले ने भी नागरिक अधिकारों के आंदोलन को एक आशा की किरण दिखाई दी है ।इन हत्याओं की सच्चाई एक महत्वपूर्ण सामाजिक उद्देश्य बन चुकी है।
कई इतिहासकार हत्याओं के पीछे की वास्तविकता को जानने की कोशिश के समय ट्रम्प का यह निर्णय प्रशंसनीय है । डीक्लासिफिकेशन से हत्याओं की जटिलताओं नई जानकारीओं का प्रकाशन होगा। हत्याओं की जटिलता और राजनीतिक प्रभावों के कारण समुचित विश्लेषण जरूरी है।
ट्रम्प के इस निर्णय का व्यापक प्रभाव होगा और इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों को पुनर्विलेखित होगा। यह कदम एक सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम है, जो इतिहासकारों और शोधकर्ताओं सहित सामान्य जनता के लिए भी महत्वपूर्ण है। डीक्लासिफाई की गई फाइलें अतीत की गुत्थियों को सुलझाने में सहायक सिद्ध होंगी।

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